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रिजल्ट खतरे में,JAC Board: शिक्षको ने मैट्रिक इंटर की काँपी जाँचने से किया इंकार

झारखंड एकेडमिक काउंसिल रांची जैक(JAC Board) कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा संपन्न कराई है. जैक ने निर्देश दिया था कि कक्षा 10वीं व 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन 12 मई 2022 से शुरू कराई जाएगी लेकिन इसी बीच शिक्षकों ने कॉपी मूल्यांकन करने से साफ साफ मना कर दिया. विद्यार्थी यहां से जान सकते हैं आखिर ऐसा क्यों किया जाने क्या है पूरी न्यूज़.

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रांची:झारखंड एकेडमिक काउंसिल रांची ने कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा(JAC Board 10th 12th Exams 2022) संपन्न करा ली है. इसी बीच झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने निर्देश दिया था कि कक्षा दसवीं और बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन 12 मई 2022 से शुरू करा दी जाएगी, लेकिन इसी बीच शिक्षकों ने कॉपी मूल्यांकन का विरोध किया है.गांधी स्मारक उच्च विद्यालय रामगढ़ में कॉपियों के मूल्यांकन का सेंटर बनाया गया था.इस सेंटर में उपस्थित शिक्षकों ने कॉपी मूल्यांकन करने से साफ साफ मना कर दिया है. जैक बोर्ड द्वारा बनाए गए नए नियम से शिक्षक निराश है,जिसके वजह से शिक्षकों ने इंटर की कॉपियां जांचने से साफ साफ मना कर दिया है. उनका कहना है कि जैक बोर्ड शिक्षकों की बात सुने और उन्हें जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें.

शिक्षकों की क्या मांग है ?

गांधी स्मारक उच्च विद्यालय रामगढ़ में कॉपियों का मूल्यांकन करने का सेंटर बनाया गया है,यहां के शिक्षकों का कहना है,जैक बोर्ड की पुराने नियम को फिर से लागू करे.शिक्षकों का कहना है कि जैक बोर्ड पहले प्रतिदिन 30-40 कॉपियों का मूल्यांकन करना होता था वहीं शिक्षकों को प्रति कॉपी ₹20 दिया जाता था. लेकिन इस बार शिक्षकों को प्रतिदिन 70 कॉपियों का मूल्यांकन करना है और शिक्षकों को प्रति कॉपी ₹10 दिया जा रहा है. जिससे शिक्षकों ने नाराजगी दिखाइए और उन्होंने इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन करने से साफ साफ मना कर दिया है.

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मैट्रिक व इंटर का रिजल्ट कब आएगा?

जैक बोर्ड मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट (JAC Board 10th 12th Results 2022)जून की अंत तक जारी कर देगा, लेकिन अगर शिक्षकों का हड़ताल अगर नहीं टूटा तो इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन नहीं हो पाएगा इंटर के रिजल्ट में देर भी हो सकता है.

जैक बोर्ड ने ऐसा क्यों किया ?

जैक बोर्ड ने कॉपियों का मूल्यांकन की संख्या इसलिए बढ़ाना पड़ा क्योंकि इस बार अपना रिजल्ट बहुत ही जल्दी करना चाहता था कि विद्यार्थियों का सत्र समय से शुरू हो सके. पंचायत चुनाव की वजह से शिक्षकों की भी कमी है साथ ही कुछ शिक्षक नाराजगी है,जिससे कॉपियों का मूल्यांकन में असर पड़ सकता है.

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